आप सभी तो जानते ही हो की, दुनिया मे सबसे ज़्यादा सुपर संगणक अमेरिका बनाता है। विश्व के 500 सुपर संगणक में अमेरिका के सबसे ज्यादा सुपर संगणक रहते हैं। और विश्व का पहला सुपर संगणक अमेरिका में ही बनाया गया था। अमेरिका की ही क्रे नाम की कंपनी ने पहला सुपर संगणक का निर्माण किया। तो आइए दोस्तों जानते हम विश्व के साथ साथ भारत के सुपर संगणक के बारे में जानकारी।
loading...
>
समिट सुपर संगणक
साल 2013 में चीन ने तियान्हें 2 बनाकर सुपर संगणक का ताज अमेरिका से छिन लिया था। लेकिन उसके अगले साल में ही अमेरिका ने सुमिट सुपर संगणक बनाकर यह ताज चीन से छीनकर अपने नाम कर दिया। इसकी कार्य करने क्षमता प्रति सेकंड 200.000 ट्रिलियन गणना में हैं। इसका इस्तेमाल ऊर्जा, उन्नत सामग्री आर्टिफिशियल फील्ड में अनुसंधान करने के लिए किया जाता है।
इस शक्तिशाली संगणक को अमेरिका के ऊर्जा विभाग ने ओक रीज नेशनल लैबोरेटरीज (ORNL) बनाया। यह दुनिया का सबसे ताकतवर सुपर संगणक अमेरिका के पिछले सुपर संगणक टाइटन (Titan) से 8 गुना शक्तिशाली है । इतना ही नही चीन के शक्तिशाली सुपर संगणक तियान्हें 2 से भी पीछे छोड़ दिया। दुनिया के शक्तिशाली सुपर संगणक तियान्हें 2 एक सेकंड में 33 हजार 860 ट्रिलियन गणना कर सकता हैं।
समिट सुपर संगणक में कितने सर्वर लगें हैं?
अब आपके मन मे सवाल आया होगा की इतना शाक्तिशाली संगणक कितने सर्वर पर कार्य करता है? बता दूँ की समिट आईबीएम एसी922 सिस्टम है, जिसमें 4608 कंप्यूट सर्वर लगे हुए हैं। प्रत्येक सर्वर में दो 22-कोर पावर9 प्रोसेसर और छह एनवीआईडीआईए टेस्ला वी100 ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट ऐक्सेलरेट लगे हैं, जो डुअल-रेल मेलानॉक्स ईडीआर 100 जीबी/एस इनफिनिबैंड से इंटरकनेक्टेड हैं। समिट में डाटा मूवमेंट के लिए हाई-बैंडविथ पथवे के अलावा 10 से अधिक पेटाबाइट्स मेमोरी जोड़ी गई हैं। इससे डाटा मूवमेंट बहुत तेजी से होता है। इन्हीं खूबियों से यह दुनिया का सबसे शक्तिशाली सुपर कंप्यूटर बनकर उभरा है।
/b>
चीन का सुपर संगणक कौनसा हैं?
अमेरिका के समिट सुपर संगणक के पहले चीन के पास दुनिया का सबसे तेज सुपर संगणक था। लेकिन समिट आने के बाद चीन का ताज छीन लिया गया। चीन का तियान्हें 2 दुनिया का सुपर संगणक था। यह एक सेकंड में 2,500 ट्रिलियन गणना कर सकता था।तियान्हें का मतलब चीनी भाषा में आकाश गंगा होता हैं, इसे चीन के तीयांजीन शहर में नैशनल सेंटर फॉर सुपरकंप्यूटिंग रखा गया हैं। इसमें इस्तेमाल किये गए ज़्यादातर चिप अमेरिका में बनाए गए हैं।
भारत का सुपर संगणक कौनसा हैं?
भारत का पहला सुपर संगणक परम्-8000 बनाने के बाद परम् सीरीज़ बनाई। लेकिन उसके बाद भारत की रुचि सुपर संगणक के लिए कम हुईं। इस के बाद फिर एक बार सुपर संगणक के लिए रूचि दिखायी और 2018 में 8 जनवरी को भारत का सबसे तेज़ सुपर संगणक प्रत्युष (Pratyush) राष्ट्र को समर्पित किया गया।
loading...
क्या है सुपर संगणक प्रत्युष की विशेषताएं।
- भारत का सबसे तेज और पहला ऐसा सुपर कंप्यूटर है इसलिए इसका नाम सूर्य के नाम पर प्रत्यूष रखा गया है।
- इस सुपर कंप्यूटर को भारतीय मौसम विज्ञान संस्थान पुणे में लगाया गया है।
- जिससे पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय से सटीक मौसम और जलवायु पूर्वानुमान में और सुधार होगा।
- भारत इस सुपर कंप्यूटर के लॉंच करने के साथ ही दुनिया का चौथा ऐसा देश बन गया है जिसके पास मौसम एवं जलवायु की जानकारी हेतु एचपीसी क्षमता हासिल कर ली है।
बता दें कि ब्रिटेन 20.4 पेटाफ्लॉप एचपीसी क्षमता वाला देश है। जबकि दूसरे स्थान पर जापान है जिसकी एचपीसी क्षमता 20 पेटाफ्लॉप और अमेरिका की 10.7 पेटाफ्लॉप है। इससे पहले भारत एचपीसी क्षमता के मामले में विश्वभर में आठवें स्थान पर बना हुआ था परन्तु अब इस सुपर कंप्यूटर के लांच करते ही विश्व के चौथे सर्वाधिक एचपीसी क्षमता वाला देश बन गया है। भारत द्वारा लांच किये गये इस हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग (एचपीसी) क्षमता 6.8 पेटाफ्लॉप है। यह कम्प्यूटर 1 सेकण्ड में कई अरब गणनांए कर सकता है। भारत के एचपीसी क्षमता की बात करें तो वर्ष 2008 में 40 टेराफ्लॉफ थी जबकि वर्ष 2013-14 में यह बढ़कर 1 पेटाफ्लॉप हो गई थी। भारत की एचपीसी क्षमता में निरंतर वृद्धि हो रही है।
मिहिर
भारत ने अपना सबसे ताकतवर सुपर कंप्यूटर लॉन्च किया है जिसका नाम मिहिर रखा गया है। महिर की कीमत 450 करोड़ रुपए है और इसका साइज किसी बैडमिंटन कोर्ट के जैसा है। यह कोई सामान्य कंप्यूटर नहीं है। यह बेहतरीन क्वालिटी के ढाई हजार लैपटॉप से भी ज्यादा क्षमता वाला यह सुपर कंप्यूटर मौसम की भविष्यवाणी करने में मददगार होगा।
बजट में दोगुनी आय करने पर जोर
इस बार के बजट में किसानों की आमदनी दोगुनी करने पर खासा जोर दिया गया है, जिसमें मौसम की भविष्यवाणी भी अहम रोल निभाएगी। देश के सबसे ताकतवर क्रे सीरीज के सुपर-कंप्यूटर मिहिर इसमें खासा मददगार साबित होने वाला है, जिसकी वजह से मौसम का सटीक अंदाजा लगाया जा सकेगा।
बैडमिंटन कोर्ट की साइज
बैडमिंटन कोर्ट की साइज के में कमरे रखा गया यह बहुत ही फास्ट और अत्याधुनिक कंप्यूटर है। मिहिर की कीमत 450 करोड़ रुपए है। भारत के इस सबसे ताकतवर सुपर कंप्यूटर की बेहतरीन क्वालिटी ढाई हजार लैपटॉप से भी ज्यादा की क्षमता वाली है। यह सुपर कंप्यूटर मौसम की भविष्यवाणी करने में मददगार होगा।
सूर्य के नाम पर
साइंस मिनिस्टर डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि मिहिर का नाम सूर्य भगवान के नाम रखा गया है। इसकी क्षमता और शक्ति से मौसम की सटीक भविष्यवाणी करने वाली है। उनका कहना है की भारत अब मौसम, जलवायु समुदाय के लिए समर्पित एचपीसी संसाधनों के लिए जापान, ब्रिटेन और अमेरिका के बाद चौथे स्थान पर आ गया है।
1988 में भारत ने मौसम की भविष्यवाणी के लिए अमरीका से जिस क्रे-एक्स एमपी सुपर कंप्यूटर का आयात किया था वो अब म्यूजियम का हिस्सा बन चुका है। लेकिन तब यूएस ने इस सुपर कंप्यूटर पर इस बात की पहरेदारी लगाई थी कि कहीं भारत इसका इस्तेमाल एटम बम बनाने में नहीं कर लें। लेकिन अब भारतीय वैज्ञानिकों के साथ पूरी तरह सहयोग कर साइबर फिजिकल सिस्टम को मजबूत बनाने में जुटा है। भारत अब मौसम, जलवायु समुदाय के लिए समर्पित एचपीसी संसाधनों के लिए जापान, ब्रिटेन और अमेरिका के बाद चौथे स्थान आ गया है। यह विशाल क्रे सुपर कंप्यूटर भारत को ब्लॉक स्तर पर मौसम की जानकारियां देगा ताकि किसान उसका भरपूर फायदा उठा सकें।
loading...



No comments
Post a Comment